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पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक।

Published on: 20 Jan 2026

*पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक।*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर, रेवाड़ी के पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, रेवाड़ी टीम के आपसी सहयोग से बाबा फरीद सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित वृद्ध आश्रम परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टेरेस किचन गार्डनिंग की एक सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायक पहल का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य सीमित स्थान में सब्ज़ी उत्पादन की व्यवहारिक संभावनाओं को प्रदर्शित करना तथा समाज को स्वास्थ्यवर्धक, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के अंतर्गत बैंगन, टमाटर, मिर्च एवं शिमला मिर्च की पौध एवं बीज रोपण किया गया, वहीं धनिया एवं पालक की बुवाई भी की गई। इसके अतिरिक्त सर्दी के मौसम के अनुरूप विभिन्न पुष्प पौधों के साथ-साथ गुड़हल एवं गुलाब के पौधे भी लगाए गए, जिससे आश्रम परिसर को हरित एवं सौंदर्यपूर्ण स्वरूप प्रदान किया जा सके। साथ ही आश्रम की रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे से कम्पोस्ट तैयार करने की वैज्ञानिक एवं सरल विधि की जानकारी भी दी गई, ताकि जैविक कचरे का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित हो सके और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन नागपाल ने किचन गार्डनिंग, जैविक खाद निर्माण तथा सतत विकास के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल वृद्धजनों को प्रकृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी, बल्कि समाज में आत्मनिर्भरता, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपने घरों में किचन गार्डन अपनाने एवं जैविक कचरे से खाद बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर इंजीनियर सोनिया नाहर, शोधार्थी देवानंद एवं राहुल, जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से एकता कौशिक की विशेष उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता रही।